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दिल्ली के बॉर्डर से किसी भी वक्त हट सकते है किसानो के टेंट, टिकैत को लगा झटका

केंद्र सरकार द्वारा लाये गए तीन कृषि कानूनों (Agriculture Law) को लेकर काफी लंबे समय से किसान दिल्ली (Delhi) के बॉर्डर पर धरना दे रहे है। किसानों ने सड़को पर टेंट लगाकर जाता दिया था, कि वह लंबे समय तक अपनी मांगों को लेकर जमे रहेंगे। लेकिन अब स्तिथि बदल गई है। बहुत जल्द दिल्ली की सीमाओं से किसानों के टेंट हट सकते है। इसकी वहज भी खुद किसान नेता ही है। किसान नेताओं से किसानों का मोहभंग हो गया है। आइए हम आपको विस्तार से बताते है कि ऐसा किस वहज से हो सकता है।

किसान नेताओं की नेतागिरी से किसानों का मोहभंग हुआ

तीन कृषि कानूनों (Three Agriculture Law)को रद्द करने की मांग के साथ शुरू हुआ किसान आंदो लन अब एक राजनीतिक आंदो लन बनकर रह गया है। किसान नेता अपनी-अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए है। किसानों की मांग कहीं पीछे छूट गई हैं। जब किसानों ने दिल्ली (Delhi) की सीमाओं पर डेरा डाला था, तब यह कहा गया था कि किसी भी राजनीतिक दल को मंच पर नहीं चढ़ने दिया जाएगा। लेकिन अब तो आलम यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का वि रोध करने वाला कोई भी व्यक्ति मंच पर चला आता है। हरियाणा के बड़े नेता ओमप्रकाश चौटाला (Omprakash Chautala) को किसानों के तथाकथित नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) आंदो लन में ला रहे हैं और उनका स्वागत करा रहे हैं।

राजनीतिक का अखाड़ा बना किसानों का धरना

सियासत का भूत किसान नेताओं के सिर पर चढ़ गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय किसान यूनियन (BKU) के अध्यक्ष नरेश टिकैत (Naresh Tikait) ने ऐलान कर दिया कि यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) में उनके संगठन का उम्मीदवार उतारेगा। जब किसानों की तरफ से इस पर सवाल खड़ा किया गया तो नरेश टिकैत (Naresh Tikait) ने कह दिया उनके बयान को गलत तरीके से लिया गया। वह चुनाव नहीं ल ड़ेंगे ।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी एक हफ्ते के लिए सस्पेंड

संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी (Gurnaam Singh Chaduni) को हफ्ते के लिए स स्पेंड कर दिया है। आपको बता दें कि चढ़ूनी ने पंजाब के किसान संगठनों से कहा था कि वे एकजुट होकर पंजाब विधानसभा के चुनाव में भाग ले। किसानों नेताओं की सियासी बयानबाजी से किसानों का मोह भंग हो गया है। ऐसे में बहुत जल्द दिल्ली (Delhi) की सीमाओं से किसानों के टेंट उखड़ सकते है।

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